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vishnu 3.2.40: निर्मोह, तत्वदर्शी, निशाकंप, निरत्सुक, धृतिमान, अवाया और सुतपा - ये उस समय के सप्तर्षि होंगे। अब मनुपुत्रों के नाम भी सुनो। 40॥   |   vishnu अध्याय 3.2: सावर्णिमनुकी उत्पत्ति तथा आगामी सात मन्वन्तरोंके मनु, मनुपुत्र, देवता, इन्द्र और सप्तर्षियोंका वर्णन   ।   vishnu अंश 3: तृतीय अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 3: तृतीय अंश  »  अध्याय 2: सावर्णिमनुकी उत्पत्ति तथा आगामी सात मन्वन्तरोंके मनु, मनुपुत्र, देवता, इन्द्र और सप्तर्षियोंका वर्णन  »  श्लोक 40
 
 
श्लोक  3.2.40 
निर्मोहस्तत्त्वदर्शी च निष्प्रकम्प्यो निरुत्सुक:।
धृतिमानव्ययश्चान्यस्सप्तमस्सुतपा मुनि:।
सप्तर्षयस्त्वमी तस्य पुत्रानपि निबोध मे॥ ४० ॥
 
 
अनुवाद
निर्मोह, तत्वदर्शी, निशाकंप, निरत्सुक, धृतिमान, अवाया और सुतपा - ये उस समय के सप्तर्षि होंगे। अब मनुपुत्रों के नाम भी सुनो। 40॥
 
Nirmoh, Tatvdarshi, Nishakamp, ​​Nirutsuk, Dhritiman, Avaya and Sutapa - these would be the Saptarishis of that time. Now listen to the names of Manuputras also. 40॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)