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vishnu 3.2.4: यह संज्ञा समझकर सूर्यदेव ने छाया से तीन संतानें उत्पन्न कीं - शनि, एक अन्य मनु और तपती ॥4॥   |   vishnu अध्याय 3.2: सावर्णिमनुकी उत्पत्ति तथा आगामी सात मन्वन्तरोंके मनु, मनुपुत्र, देवता, इन्द्र और सप्तर्षियोंका वर्णन   ।   vishnu अंश 3: तृतीय अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 3: तृतीय अंश  »  अध्याय 2: सावर्णिमनुकी उत्पत्ति तथा आगामी सात मन्वन्तरोंके मनु, मनुपुत्र, देवता, इन्द्र और सप्तर्षियोंका वर्णन  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  3.2.4 
संज्ञेयमित्यथार्कश्च छायायामात्मजत्रयम्।
शनैश्चरं मनुं चान्यं तपतीं चाप्यजीजनत्॥ ४॥
 
 
अनुवाद
यह संज्ञा समझकर सूर्यदेव ने छाया से तीन संतानें उत्पन्न कीं - शनि, एक अन्य मनु और तपती ॥4॥
 
Thinking that this is a noun, the Sun God produced three children from Chhaya - Saturn, another Manu and Tapati. ॥4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)