श्री विष्णु पुराण  »  अंश 3: तृतीय अंश  »  अध्याय 2: सावर्णिमनुकी उत्पत्ति तथा आगामी सात मन्वन्तरोंके मनु, मनुपुत्र, देवता, इन्द्र और सप्तर्षियोंका वर्णन  »  श्लोक 35
 
 
श्लोक  3.2.35 
तपस्वी सुतपाश्चैव तपोमूर्तिस्तपोरति:।
तपोधृतिर्द्युतिश्चान्य: सप्तमस्तु तपोधन:।
सप्तर्षयस्त्विमे तस्य पुत्रानपि निबोध मे॥ ३५॥
 
 
अनुवाद
तपस्वी, सुतपा, तपोमूर्ति, तपोरति, तपोधृति, तपोद्युति और तपोधन- ये सात सप्तर्षि होंगे। अब मनुपुत्रों के नाम सुनो-॥ 35॥
 
Tapasvi, Sutapa, Tapomurti, Taporati, Tapodhriti, Tapodyuti and Tapodhan – these will be the seven Saptarishis. Now listen to the names of Manuputras -॥ 35॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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