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vishnu 3.2.29-30: ग्यारहवें मनु धर्मसावर्णि होंगे। उस समय अस्तित्व में आने वाले देवताओं के मुख्य समूह विहंगम, कामगम और निर्वाणरति होंगे - इनमें से प्रत्येक में तीस देवता होंगे और वृष नामक एक इंद्र होगा।   |   vishnu अध्याय 3.2: सावर्णिमनुकी उत्पत्ति तथा आगामी सात मन्वन्तरोंके मनु, मनुपुत्र, देवता, इन्द्र और सप्तर्षियोंका वर्णन   ।   vishnu अंश 3: तृतीय अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 3: तृतीय अंश  »  अध्याय 2: सावर्णिमनुकी उत्पत्ति तथा आगामी सात मन्वन्तरोंके मनु, मनुपुत्र, देवता, इन्द्र और सप्तर्षियोंका वर्णन  »  श्लोक 29-30
 
 
श्लोक  3.2.29-30 
एकादशश्च भविता धर्मसावर्णिको मनु:॥ २९॥
विहङ्गमा: कामगमा निर्वाणरतयस्तथा।
गणास्त्वेते तदा मुख्या देवानां च भविष्यताम्।
एकैकस्त्रिंशकस्तेषां गणश्चेन्द्रश्च वै वृष:॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
ग्यारहवें मनु धर्मसावर्णि होंगे। उस समय अस्तित्व में आने वाले देवताओं के मुख्य समूह विहंगम, कामगम और निर्वाणरति होंगे - इनमें से प्रत्येक में तीस देवता होंगे और वृष नामक एक इंद्र होगा।
 
The eleventh Manu will be Dharmasavarni. The main groups of gods that will come into existence at that time will be Vihangam, Kamagam and Nirvanarati - each of these will have thirty gods and there will be an Indra named Vrish.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)