श्री विष्णु पुराण  »  अंश 3: तृतीय अंश  »  अध्याय 2: सावर्णिमनुकी उत्पत्ति तथा आगामी सात मन्वन्तरोंके मनु, मनुपुत्र, देवता, इन्द्र और सप्तर्षियोंका वर्णन  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  3.2.28 
सुक्षेत्रश्चोत्तमौजाश्च भूरिषेणादयो दश।
ब्रह्मसावर्णिपुत्रास्तु रक्षिष्यन्ति वसुन्धराम्॥ २८॥
 
 
अनुवाद
उस समय ब्रह्मसावर्णिमनु के दस पुत्र सुक्षेत्र, उत्तमौजा और भूरिषेण पृथ्वी की रक्षा करेंगे।
 
At that time Brahmasavarnimanu's ten sons namely Sukshetra, Uttamauja and Bhurishena will protect the earth. 28.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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