श्री विष्णु पुराण  »  अंश 3: तृतीय अंश  »  अध्याय 2: सावर्णिमनुकी उत्पत्ति तथा आगामी सात मन्वन्तरोंके मनु, मनुपुत्र, देवता, इन्द्र और सप्तर्षियोंका वर्णन  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  3.2.27 
हविष्मान‍्सुकृतस्सत्यस्तपोमूर्तिस्तथापर:।
नाभागोऽप्रतिमौजाश्च सत्यकेतुस्तथैव च॥ २७॥
 
 
अनुवाद
उनके नाम हविष्मां, सुकृत, सत्य, तपोमूर्ति, नाभाग, अपरामौजा और सत्यकेतु हैं। 27॥
 
Their names are Havishman, Sukrit, Satya, Tapomurti, Nabhag, Aparamauja and Satyaketu. 27॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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