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vishnu 3.2.25: हे मुने! दसवें मनु ब्रह्मसावर्णि होंगे। उनके समय में सुदामा और विशुद्ध नामक सौ-सौ देवताओं के दो समूह होंगे। 25॥   |   vishnu अध्याय 3.2: सावर्णिमनुकी उत्पत्ति तथा आगामी सात मन्वन्तरोंके मनु, मनुपुत्र, देवता, इन्द्र और सप्तर्षियोंका वर्णन   ।   vishnu अंश 3: तृतीय अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  3.2.25 
दशमो ब्रह्मसावर्णिर्भविष्यति मुने मनु:।
सुधामानो विशुद्धाश्च शतसंख्यास्तथा सुरा:॥ २५॥
 
 
अनुवाद
हे मुने! दसवें मनु ब्रह्मसावर्णि होंगे। उनके समय में सुदामा और विशुद्ध नामक सौ-सौ देवताओं के दो समूह होंगे। 25॥
 
Hey Mune! The tenth Manu would be Brahmasavarni. During his time there will be two groups of hundred gods each named Sudhama and Vishuddha. 25॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)