श्री विष्णु पुराण  »  अंश 3: तृतीय अंश  »  अध्याय 2: सावर्णिमनुकी उत्पत्ति तथा आगामी सात मन्वन्तरोंके मनु, मनुपुत्र, देवता, इन्द्र और सप्तर्षियोंका वर्णन  »  श्लोक 23-24
 
 
श्लोक  3.2.23-24 
सवनो द्युतिमान् भव्यो वसुर्मेधातिथिस्तथा।
ज्योतिष्मान् सप्तम: सत्यस्तत्रैते च महर्षय:॥ २३॥
धृतकेतुर्दीप्तिकेतु: पञ्चहस्तनिरामयौ।
पृथुश्रवाद्याश्च तथा दक्षसावर्णिकात्मजा:॥ २४॥
 
 
अनुवाद
सवन, द्युतिमान, भव्य, वसु, मेधातिथि, ज्योतिष्मान और सातवें सत्य - ये उस समय के सात ऋषि होंगे और धृतकेतु, दीप्तिकेतु, पंचहस्ता, निरामय और पृथुश्रवा आदि दक्षवर्णिमनु के पुत्र होंगे। 23-24॥
 
Savan, Dyutiman, Bhavya, Vasu, Medhatithi, Jyotishman and the seventh Satya - these would be the seven sages of that time and Dhritketu, Diptiketu, Panchahasta, Niramay and Prithushrava etc. would be the sons of Dakshasavarnimanu. 23-24॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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