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vishnu 3.2.16: उन देवताओं का प्रत्येक समूह बीस-बीस का समूह कहलाता है। हे मुनियों में श्रेष्ठ! अब मैं तुम्हें आगे आने वाले सप्तर्षियों के विषय में भी बताता हूँ। 16.   |   vishnu अध्याय 3.2: सावर्णिमनुकी उत्पत्ति तथा आगामी सात मन्वन्तरोंके मनु, मनुपुत्र, देवता, इन्द्र और सप्तर्षियोंका वर्णन   ।   vishnu अंश 3: तृतीय अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 3: तृतीय अंश  »  अध्याय 2: सावर्णिमनुकी उत्पत्ति तथा आगामी सात मन्वन्तरोंके मनु, मनुपुत्र, देवता, इन्द्र और सप्तर्षियोंका वर्णन  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  3.2.16 
तेषां गणश्च देवानामेकैको विंशक: स्मृत:।
सप्तर्षीनपि वक्ष्यामि भविष्यान्मुनिसत्तम॥ १६॥
 
 
अनुवाद
उन देवताओं का प्रत्येक समूह बीस-बीस का समूह कहलाता है। हे मुनियों में श्रेष्ठ! अब मैं तुम्हें आगे आने वाले सप्तर्षियों के विषय में भी बताता हूँ। 16.
 
Each group of those deities is called a group of twenty. O best of sages! Now I will also tell you about the Saptarishis who will come next. 16.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)