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vishnu 3.2.10: हे मुनिसतम! विश्वकर्मा द्वारा छाना हुआ सूर्य का तेजस्वी वैष्णव तेज पृथ्वी पर गिर पड़ा॥10॥   |   vishnu अध्याय 3.2: सावर्णिमनुकी उत्पत्ति तथा आगामी सात मन्वन्तरोंके मनु, मनुपुत्र, देवता, इन्द्र और सप्तर्षियोंका वर्णन   ।   vishnu अंश 3: तृतीय अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 3: तृतीय अंश  »  अध्याय 2: सावर्णिमनुकी उत्पत्ति तथा आगामी सात मन्वन्तरोंके मनु, मनुपुत्र, देवता, इन्द्र और सप्तर्षियोंका वर्णन  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  3.2.10 
यत्तस्माद्वैष्णवं तेजश्शातितं विश्वकर्मणा।
जाज्वल्यमानमपतत्तद्भूमौ मुनिसत्तम॥ १०॥
 
 
अनुवाद
हे मुनिसतम! विश्वकर्मा द्वारा छाना हुआ सूर्य का तेजस्वी वैष्णव तेज पृथ्वी पर गिर पड़ा॥10॥
 
Hey Munisatam! The dazzling Vaishnava glory of the sun which Vishwakarma had filtered fell on the earth. 10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)