श्री विष्णु पुराण  »  अंश 3: तृतीय अंश  »  अध्याय 18: मायामोह और असुरोंका संवाद तथा राजा शतधनुकी कथा  »  श्लोक 82
 
 
श्लोक  3.18.82 
अशेषभूभृत: पूर्वं वश्या यस्मै बलिं ददु:।
स त्वं काकत्वमापन्नो जातोऽद्य बलिभुक् प्रभो॥ ८२॥
 
 
अनुवाद
हे प्रभु! जिनके प्रभाव से समस्त सामन्त आपको नाना प्रकार की वस्तुएँ अर्पित करते थे, आज आप कौए का रूप धारण करके बलि बन गए हैं ॥ 82॥
 
"O Lord! Under whose influence all the feudal lords used to offer various kinds of things to You, You, today, have become a sacrificer by taking the form of a crow." ॥ 82॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)