vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री विष्णु पुराण
»
अंश 3: तृतीय अंश
»
अध्याय 18: मायामोह और असुरोंका संवाद तथा राजा शतधनुकी कथा
»
श्लोक 77
श्लोक
3.18.77
भूयस्ततो वृको जज्ञे गत्वा तं निर्जने वने।
स्मारयामास भर्त्तारं पूर्ववृत्तमनिन्दिता॥ ७७॥
अनुवाद
फिर वह भेड़िया बन गया; तब भी राजकुमारी अनिंदिता ने एकांत वन में जाकर अपने पति को उसके पूर्वजन्म की कथा याद दिलाई।
Then he became a wolf; even then the princess Anindita went to the lonely forest and reminded her husband of the story of his previous life.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×