vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री विष्णु पुराण
»
अंश 3: तृतीय अंश
»
अध्याय 18: मायामोह और असुरोंका संवाद तथा राजा शतधनुकी कथा
»
श्लोक 62
श्लोक
3.18.62
स तु तेनापचारेण श्वा जज्ञे वसुधाधिप:।
उपोषितेन पाषण्डसँल्लापो यत्कृतोऽभवत्॥ ६२॥
अनुवाद
राजा शतधनु ने व्रत करते समय एक पाखंडी से वार्तालाप किया था, जिसके कारण उन्हें कुत्ते के रूप में जन्म लेना पड़ा।
King Shatadhanu had a conversation with a hypocrite while fasting. So due to that sin he was born as a dog.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×