श्री विष्णु पुराण  »  अंश 3: तृतीय अंश  »  अध्याय 18: मायामोह और असुरोंका संवाद तथा राजा शतधनुकी कथा  »  श्लोक 62
 
 
श्लोक  3.18.62 
स तु तेनापचारेण श्वा जज्ञे वसुधाधिप:।
उपोषितेन पाषण्डसँल्लापो यत्कृतोऽभवत्॥ ६२॥
 
 
अनुवाद
राजा शतधनु ने व्रत करते समय एक पाखंडी से वार्तालाप किया था, जिसके कारण उन्हें कुत्ते के रूप में जन्म लेना पड़ा।
 
King Shatadhanu had a conversation with a hypocrite while fasting. So due to that sin he was born as a dog.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)