हे मैत्रेय! जो मनुष्य आपत्तिकाल को छोड़कर किसी भी समय एक पखवाड़े तक अपने दैनिक कर्मों का परित्याग कर देता है, वह महान प्रायश्चित से ही शुद्ध हो सकता है ॥40॥
O Maitreya! A person who abandons his daily duties for a fortnight at any time, except in times of emergency, can become pure only by great atonement. ॥ 40॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥