श्री विष्णु पुराण  »  अंश 3: तृतीय अंश  »  अध्याय 18: मायामोह और असुरोंका संवाद तथा राजा शतधनुकी कथा  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  3.18.23 
अन्यानप्यन्यपाषण्डप्रकारैर्बहुभिर्द्विज।
दैतेयान्मोहयामास मायामोहोऽतिमोहकृत्॥ २३॥
 
 
अनुवाद
हे द्विज ब्राह्मण! मोहिनी माया ने नाना प्रकार के कपटों से अन्य अनेक राक्षसों को मोहित कर दिया ॥23॥
 
O twice born Brahmin, the enchanting Maya (illusion) bewildered many other demons with various kinds of hypocrisy. ॥23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)