श्री विष्णु पुराण  »  अंश 3: तृतीय अंश  »  अध्याय 18: मायामोह और असुरोंका संवाद तथा राजा शतधनुकी कथा  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  3.18.22 
तेऽप्यन्येषां तथैवोचुरन्यैरन्ये तथोदिता:।
मैत्रेय तत्यजुर्धर्मं वेदस्मृत्युदितं परम्॥ २२॥
 
 
अनुवाद
उन दैत्यों ने अन्य दैत्यों से भी ऐसी ही बातें कहीं और उन्होंने भी दूसरों से यही बातें कहीं। हे मैत्रेय! इस प्रकार उन्होंने श्रुतिस्मृति द्वारा बताए गए अपने परम धर्म का परित्याग कर दिया।
 
Those demons said similar things to other demons and they said the same thing to others. O Maitreya! In this way they abandoned their ultimate religion prescribed by Shrutismriti.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)