श्री विष्णु पुराण  »  अंश 3: तृतीय अंश  »  अध्याय 18: मायामोह और असुरोंका संवाद तथा राजा शतधनुकी कथा  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  3.18.2 
ततो दिगम्बरो मुण्डो बर्हिपिच्छधरो द्विज।
मायामोहोऽसुरान् श्लक्ष्णमिदं वचनमब्रवीत्॥ २॥
 
 
अनुवाद
तब उन मयूरपूँछधारी दिगम्बर और मुण्डितकेश मायामोह ने अत्यन्त मधुर वाणी में दैत्यों से इस प्रकार कहा॥2॥
 
Then that peacock-tailed Digambara and Munditkesha Mayamoha spoke to the demons in a very sweet voice as follows. 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)