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श्री विष्णु पुराण
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अंश 3: तृतीय अंश
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अध्याय 18: मायामोह और असुरोंका संवाद तथा राजा शतधनुकी कथा
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श्लोक 104
श्लोक
3.18.104
एते पाषण्डिन: पापा न ह्येतानालपेद् बुध:।
पुण्यं नश्यति सम्भाषादेतेषां तद्दिनोद्भवम्॥ १०४॥
अनुवाद
ये पाखंडी महापापी हैं; बुद्धिमान पुरुष को इनसे कभी बात नहीं करनी चाहिए। इनसे बात करने से उस दिन का पुण्य नष्ट हो जाता है ॥104॥
These hypocrites are great sinners; an intelligent man should never talk to them. By talking to them the virtue of that day gets destroyed. 104॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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