श्री विष्णु पुराण  »  अंश 3: तृतीय अंश  »  अध्याय 17: नग्नविषयक प्रश्न, देवताओंका पराजय, उनका भगवान‍्की शरणमें जाना और भगवान‍्का मायामोहको प्रकट करना  »  श्लोक 42
 
 
श्लोक  3.17.42 
मायामोहोऽयमखिलान्दैत्यांस्तान्मोहयिष्यति।
ततो वध्या भविष्यन्ति वेदमार्गबहिष्कृता:॥ ४२॥
 
 
अनुवाद
यह माया उन समस्त राक्षसों को मोहित कर लेगी; फिर वेदमार्ग का उल्लंघन करने के कारण वे तुम्हारे द्वारा मारे जायेंगे।
 
"This illusion of Maya will delude all those demons; then by violating the path of the Vedas they will be killed by you." 42.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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