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श्री विष्णु पुराण
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अंश 3: तृतीय अंश
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अध्याय 17: नग्नविषयक प्रश्न, देवताओंका पराजय, उनका भगवान्की शरणमें जाना और भगवान्का मायामोहको प्रकट करना
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श्लोक 12
श्लोक
3.17.12
यतो भूतान्यशेषाणि प्रसूतानि महात्मन:।
यस्मिंश्च लयमेष्यन्ति कस्तं स्तोतुमिहेश्वर:॥ १२॥
अनुवाद
इस संसार में कौन है जो उस परम पुरुष की स्तुति कर सके जिससे सब प्राणी उत्पन्न हुए हैं और जिनमें अन्ततः सब मिल जाएँगे? ॥12॥
Who in this world is capable of praising the Supreme Being from whom all beings have originated and in whom all of them will ultimately merge? ॥12॥
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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