श्री विष्णु पुराण  »  अंश 3: तृतीय अंश  »  अध्याय 15: श्राद्ध-विधि  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  3.15.9 
प्रथमेऽह्नि बुधश्शस्ताञ्छ्रोत्रियादीन्निमन्त्रयेत्।
कथयेच्च तथैवैषां नियोगान्पितृदैविकान्॥ ९॥
 
 
अनुवाद
श्राद्ध के प्रथम दिन बुद्धिमान पुरुष श्रोत्रिय आदि विहित ब्राह्मणों को बुलाकर उनसे कहे कि 'तुम्हें पितृ-श्राद्ध में लगना है और तुम्हें विश्वदेव-श्राद्ध में लगना है।'॥9॥
 
On the first day of the Shraddha, a wise man should invite the prescribed Brahmins like Shrotri etc. and tell them that 'You have to be engaged in the Pitr-Shraddha and you have to be engaged in the Vishvadev-Shraddha.'॥ 9॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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