श्री विष्णु पुराण  »  अंश 3: तृतीय अंश  »  अध्याय 15: श्राद्ध-विधि  »  श्लोक 40
 
 
श्लोक  3.15.40 
पितृतीर्थेन सतिलं तथैव सलिलाञ्जलिम्।
मातामहेभ्यस्तेनैव पिण्डांस्तीर्थेन निर्वपेत्॥ ४०॥
 
 
अनुवाद
तथा पितृ तीर्थ से तिल मिश्रित जल तर्पण करें तथा उसी पितृ तीर्थ से नाना आदि को भी पिण्डदान करें ॥40॥
 
And offer water mixed with sesame seeds from the Pitra Tirtha (pitre) and also offer pind-daan to the maternal grandfather and others from the same Pitra Tirtha. ॥ 40॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)