श्री विष्णु पुराण  »  अंश 3: तृतीय अंश  »  अध्याय 15: श्राद्ध-विधि  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  3.15.16 
तथा मातामहश्राद्धं वैश्वदेवसमन्वितम्।
कुर्वीत भक्तिसम्पन्नस्तन्त्रं वा वैश्वदैविकम्॥ १६॥
 
 
अनुवाद
और इसी प्रकार वैश्वदेव के साथ मातामह श्राद्ध भी करें या पितृ पक्ष और मातामह पक्ष दोनों में श्रद्धापूर्वक एक ही वैश्वदेव श्राद्ध करें। 16॥
 
And similarly, perform Matamah Shraddha along with Vaishvadev or perform only one Vaishvadev Shraddha with devotion for both Pitru Paksha and Matamah Paksha. 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)