vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्री विष्णु पुराण
»
अंश 3: तृतीय अंश
»
अध्याय 14: श्राद्ध-प्रशंसा, श्राद्धमें पात्रापात्रका विचार
»
श्लोक 7
श्लोक
3.14.7
अमावास्या यदा मैत्रविशाखास्वातियोगिनी।
श्राद्धै: पितृगणस्तृप्तिं तथाप्नोत्यष्टवार्षिकीम्॥ ७॥
अनुवाद
अनुराधा, विशाखा या स्वातिनक्षत्रयुक्त अमावस्या को श्राद्ध करने से पितर आठ वर्षों तक संतुष्ट रहते हैं । 7॥
By performing Shraddha on the new moon day of Anuradha, Vishakha or Swatinakshatrayukta, the ancestors remain satisfied for eight years. 7॥
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd