श्री विष्णु पुराण  »  अंश 3: तृतीय अंश  »  अध्याय 14: श्राद्ध-प्रशंसा, श्राद्धमें पात्रापात्रका विचार  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  3.14.7 
अमावास्या यदा मैत्रविशाखास्वातियोगिनी।
श्राद्धै: पितृगणस्तृप्तिं तथाप्नोत्यष्टवार्षिकीम्॥ ७॥
 
 
अनुवाद
अनुराधा, विशाखा या स्वातिनक्षत्रयुक्त अमावस्या को श्राद्ध करने से पितर आठ वर्षों तक संतुष्ट रहते हैं । 7॥
 
By performing Shraddha on the new moon day of Anuradha, Vishakha or Swatinakshatrayukta, the ancestors remain satisfied for eight years. 7॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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