चित्तं च वित्तं च नृणां विशुद्धं
शस्तश्च काल: कथितो विधिश्च।
पात्रं यथोक्तं परमा च भक्ति-
र्नृणां प्रयच्छन्त्यभिवाञ्छितानि॥ २०॥
अनुवाद
शुद्ध मन, शुद्ध धन, उपयुक्त समय, उपयुक्त विधि, उपयुक्त पात्र और उत्तम भक्ति - ये सभी मनुष्य को इच्छित फल प्रदान करते हैं ॥20॥
A pure mind, pure wealth, opportune moment, the appropriate method, a suitable candidate and supreme devotion - all these give a man the desired results. ॥20॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥