श्री विष्णु पुराण  »  अंश 3: तृतीय अंश  »  अध्याय 13: आभ्युदयिक श्राद्ध, प्रेतकर्म तथा श्राद्धादिका विचार  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  3.13.7 
पितृपूजाक्रम: प्रोक्तो वृद्धावेष सनातन:।
श्रूयतामवनीपाल प्रेतकर्मक्रियाविधि:॥ ७॥
 
 
अनुवाद
हे पृथ्वी के अधिपति! मैंने अभ्युदय श्राद्ध में आपसे पितृपूजा का यह सनातन क्रम कहा था, अब प्रेतक्रिया की विधि सुनिए। 7॥
 
O ruler of the earth! I told you this eternal sequence of ancestor worship in Abhyudaya Shraddha, now listen to the method of Pretakriya. 7॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)