श्री विष्णु पुराण  »  अंश 3: तृतीय अंश  »  अध्याय 13: आभ्युदयिक श्राद्ध, प्रेतकर्म तथा श्राद्धादिका विचार  »  श्लोक 36
 
 
श्लोक  3.13.36 
आदाहवार्यायुधादिस्पर्शाद्यन्तास्तु या: क्रिया:।
ता: पूर्वा मध्यमा मासि मास्येकोद्दिष्टसंज्ञिता:॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
दाह संस्कार से लेकर जल और शस्त्र आदि का स्पर्श करने तक के सभी कर्म पूर्वकर्म कहलाते हैं। प्रत्येक मास में किया जाने वाला एक दिवसीय श्राद्ध मध्यमकर्म कहलाता है। 36.
 
All the rituals from cremation to touching water and weapons etc. are known as Poorvakarma. The one-day Shraddha that is performed in each month is known as Madhyamkarma. 36.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)