मृताहनि च कर्तव्यमेकोद्दिष्टमत: परम्।
आह्वानादिक्रियादैवनियोगरहितं हि तत्॥ २३॥
अनुवाद
फिर प्रत्येक मास पुण्यतिथि पर एकोद्दिष्ट श्राद्ध करें जो विश्वेदेव आदि से संबंधित ब्राह्मणों के आह्वान आदि तथा निमंत्रण से रहित हो ॥23॥
Then every month on the death anniversary, perform Ekoddishta Shraddha which should be free from invocations etc. and invitations from Brahmins related to Vishvedev etc. 23॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥