बाले देशान्तरस्थे च पतिते च मुनौ मृते।
सद्यश्शौचं तथेच्छातो जलाग्न्युद्बन्धनादिषु॥ १७॥
अनुवाद
बालक, परदेशी, पतित, तपस्वी की मृत्यु होने पर तथा जल, अग्नि, फाँसी आदि से आत्महत्या करने पर अपवित्रता शीघ्र ही दूर हो जाती है।*॥17॥
On the death of a child, a person residing in another country, a fallen person, an ascetic, and on committing suicide by water, fire, hanging etc., the impurity is soon removed.*॥ 17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥