और्व उवाच
सचैलस्य पितु: स्नानं जाते पुत्रे विधीयते।
जातकर्म तदा कुर्याच्छ्राद्धमभ्युदये च यत्॥ १॥
अनुवाद
और्व ने कहा—पुत्र के जन्म पर पिता को वस्त्र सहित स्नान करना चाहिए। तत्पश्चात जातकर्म संस्कार और अभ्युदय श्राद्ध करना चाहिए।॥1॥
Aurva said—On the birth of a son, the father should take a bath in his clothes. After that, the Jaatakarma Sanskar and Aabhyudayak Shraddha should be performed.॥ 1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥