| श्री विष्णु पुराण » अंश 3: तृतीय अंश » अध्याय 12: गृहस्थसम्बन्धी सदाचारका वर्णन » श्लोक 30 |
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| | | | श्लोक 3.12.30  | योषितो नावमन्येत न चासां विश्वसेद् बुध:।
न चैवेर्ष्या भवेत्तासु न धिक्कुर्यात्कदाचन॥ ३०॥ | | | | | | अनुवाद | | बुद्धिमान पुरुष को स्त्रियों का कभी अनादर नहीं करना चाहिए, न उन पर अविश्वास करना चाहिए, न उनसे ईर्ष्या करनी चाहिए, न उनका तिरस्कार करना चाहिए ॥30॥ | | | | A wise man should never disrespect women, nor should he distrust them, nor should he be jealous of them, nor should he despise them. ॥ 30॥ | | ✨ ai-generated | | |
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