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श्री विष्णु पुराण
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अंश 3: तृतीय अंश
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अध्याय 12: गृहस्थसम्बन्धी सदाचारका वर्णन
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श्लोक 27
श्लोक
3.12.27
सोमार्काग्न्यम्बुवायूनां पूज्यानां च न सम्मुखम्।
कुर्यान्निष्ठीवविण्मूत्रसमुत्सर्गं च पण्डित:॥ २७॥
अनुवाद
विद्वान् पुरुष को चन्द्रमा, सूर्य, अग्नि, जल, वायु और पूजनीय पुरुषों के सामने न तो शौच करना चाहिए और न ही थूकना चाहिए ॥27॥
A learned man should neither defecate nor spit in front of the moon, sun, fire, water, air and worshipable persons. 27॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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