श्री विष्णु पुराण  »  अंश 3: तृतीय अंश  »  अध्याय 12: गृहस्थसम्बन्धी सदाचारका वर्णन  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  3.12.24 
स्नातो नांगानि सम्मार्जेत्स्नानशाटॺा न पाणिना।
न च निर्धूनयेत्केशान्नाचामेच्चैव चोत्थित:॥ २४॥
 
 
अनुवाद
स्नान करने के बाद अपने शरीर को गीले हाथों या धोती से न पोंछें। खड़े होकर बाल न संवारे और पानी भी न पिएँ। ॥24॥
 
After taking a bath do not wipe your body with your hands or dhoti which is still wet from the bath. Do not brush your hair while standing and do not even sip water. ॥ 24॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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