नारभेत कलिं प्राज्ञश्शुष्कवैरं च वर्जयेत्।
अप्यल्पहानिस्सोढव्या वैरेणार्थागमं त्यजेत्॥ २३॥
अनुवाद
बुद्धिमान पुरुष को चाहिए कि कलह न बढ़ाए और अनावश्यक वैर-विरोध का भी त्याग कर दे। थोड़ी हानि सह ले, पर यदि उससे कुछ लाभ हो तो उसे भी छोड़ दे। 23॥
A wise man should not increase discord and should also give up unnecessary animosity. Bear a little loss, but if you get some benefit from it then leave it also. 23॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥