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श्री विष्णु पुराण
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अंश 3: तृतीय अंश
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अध्याय 12: गृहस्थसम्बन्धी सदाचारका वर्णन
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श्लोक 13
श्लोक
3.12.13
चतुष्पथं चैत्यतरुं श्मशानोपवनानि च।
दुष्टस्त्रीसन्निकर्षं च वर्जयेन्निशि सर्वदा॥ १३॥
अनुवाद
चौराहा, चैत्यवृक्ष, श्मशान, बगीचा और रात्रि में दुष्ट स्त्री के समीप जाने से सदैव दूर रहो। 13॥
Always avoid the crossroads, the Chaitya tree, the cremation ground, the garden and the proximity of an evil woman at night. 13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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