नोच्चैर्हसेत्सशब्दं च न मुञ्चेत्पवनं बुध:।
नखान्न खादयेच्छिन्द्यान्न तृणं न महीं लिखेत्॥ १०॥
अनुवाद
बुद्धिमान व्यक्ति को न तो जोर से हंसना चाहिए, न ही बोलते समय हवा निकालनी चाहिए; न ही नाखून चबाना चाहिए, न ही तिनके तोड़ने चाहिए, न ही जमीन पर लिखना चाहिए।
A wise man should not laugh loudly, nor should he blow out wind while speaking; nor should he chew his nails, nor break straws, nor write on the ground.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥