और्व उवाच
देवगोब्राह्मणान्सिद्धान्वृद्धाचार्यांस्तथार्चयेत्।
द्विकालं च नमेत्सन्ध्यामग्नीनुपचरेत्तथा॥ १॥
अनुवाद
और्व बोले - गृहस्थ को प्रतिदिन देवता, गौ, ब्राह्मण, सिद्धगण, वृद्धजन और आचार्य का पूजन करना चाहिए तथा दोनों समय संध्यावंदन और अग्निहोत्र अनुष्ठान करना चाहिए ॥1॥
Aurav said - A householder should worship God, Cow, Brahmin, Siddhagan, elders and Acharya daily and should perform Sandhyavandan and Agnihotra rituals at both the times. 1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥