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श्री विष्णु पुराण
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अंश 3: तृतीय अंश
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अध्याय 11: गृहस्थसम्बन्धी सदाचारका वर्णन
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श्लोक 94
श्लोक
3.11.94
प्राणापानसमानानामुदानव्यानयोस्तथा।
अन्नं पुष्टिकरं चास्तु ममाप्यव्याहतं सुखम्॥ ९४॥
अनुवाद
यह भोजन मेरे प्राण, अपान, समान, उदान और व्यान को पुष्ट करे और मैं भी अखण्ड सुख प्राप्त करूँ ॥94॥
May this food nourish my Prana, Apana, Samana, Udana and Vyana and may I also attain uninterrupted happiness. ॥94॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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