श्री विष्णु पुराण  »  अंश 3: तृतीय अंश  »  अध्याय 10: जातकर्म, नामकरण और विवाह-संस्कारकी विधि  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  3.10.26 
सधर्मचारिणीं प्राप्य गार्हस्थ्यं सहितस्तया।
समुद्वहेद्ददात्येतत्सम्यगूढं महाफलम्॥ २६॥
 
 
अनुवाद
जीवनसाथी को पाकर उसके साथ गृहस्थ के कर्तव्य पालन करने चाहिए, क्योंकि उनका पालन करने से महान फल प्राप्त होते हैं ॥26॥
 
Having found a life-partner, one should perform the duties of a householder with her, because if one follows them, they yield great results. ॥26॥
 
इति श्रीविष्णुपुराणे तृतीयेंऽशे दशमोऽध्याय:॥ १०॥
 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)