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श्री विष्णु पुराण
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अंश 3: तृतीय अंश
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अध्याय 1: पहले सात मन्वन्तरोंके मनु, इन्द्र, देवता, सप्तर्षि और मनुपुत्रोंका वर्णन
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श्लोक 46
श्लोक
3.1.46
सर्वे च देवा मनवस्समस्ता-
स्सप्तर्षयो ये मनुसूनवश्च।
इन्द्रश्च योऽयं त्रिदशेशभूतो
विष्णोरशेषास्तु विभूतयस्ता:॥ ४६॥
अनुवाद
सम्पूर्ण देवता, मनु, सप्त ऋषि तथा मनु के पुत्र और देवताओं के अधिपति इन्द्रगण - ये सब भगवान विष्णु के ही स्वरूप हैं ॥46॥
All the gods, Manu, the seven sages and sons of Manu and Indragan, the ruler of the gods – all these are the manifestations of Lord Vishnu. 46॥
इति श्रीविष्णुपुराणे तृतीयेंऽशे प्रथमोऽध्याय:॥ १॥
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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