श्री विष्णु पुराण  »  अंश 3: तृतीय अंश  »  अध्याय 1: पहले सात मन्वन्तरोंके मनु, इन्द्र, देवता, सप्तर्षि और मनुपुत्रोंका वर्णन  »  श्लोक 32
 
 
श्लोक  3.1.32 
वसिष्ठ: काश्यपोऽथात्रिर्जमदग्निस्सगौतम:।
विश्वामित्रभरद्वाजौ सप्त सप्तर्षयोऽभवन्॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
इस समय वसिष्ठ, कश्यप, अत्रि, जमदग्नि, गौतम, विश्वामित्र और भारद्वाज- ये सात सप्तर्षि हैं। 32॥
 
At this time Vasistha, Kashyap, Atri, Jamadagni, Gautam, Vishwamitra and Bharadwaj – these are the seven Saptarishis. 32॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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