श्री विष्णु पुराण  »  अंश 3: तृतीय अंश  »  अध्याय 1: पहले सात मन्वन्तरोंके मनु, इन्द्र, देवता, सप्तर्षि और मनुपुत्रोंका वर्णन  »  श्लोक 31
 
 
श्लोक  3.1.31 
आदित्यवसुरुद्राद्या देवाश्चात्र महामुने।
पुरन्दरस्तथैवात्र मैत्रेय त्रिदशेश्वर:॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
हे महामुनि! इस मन्वन्तर में आदित्य, वसु और रुद्र आदि देवता हैं और पुरन्दर नामक इन्द्र भी हैं॥31॥
 
Oh great sage! In this Manvantara, there are gods like Aditya, Vasu and Rudra and there is Indra named Purandar. 31॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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