| श्री विष्णु पुराण » अंश 3: तृतीय अंश » अध्याय 1: पहले सात मन्वन्तरोंके मनु, इन्द्र, देवता, सप्तर्षि और मनुपुत्रोंका वर्णन » श्लोक 22 |
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| | | | श्लोक 3.1.22  | हिरण्यरोमा वेदश्रीरूर्ध्वबाहुस्तथापर:।
वेदबाहुस्सुधामा च पर्जन्यश्च महामुनि:।
एते सप्तर्षयो विप्र तत्रासन् रैवतेऽन्तरे॥ २२॥ | | | | | | अनुवाद | | हे विप्र! इस रैवत-मन्वन्तर में सात सप्तर्षि थे- हिरण्ययोराम, वेदश्री, ऊर्ध्वबाहु, वेदबाहु, सुदामा, पर्जन्य और महामुनि। 22॥ | | | | Hey Vipra! In this Raivat-Manvantar, there were seven Saptarishis – Hiranyorama, Vedashree, Urdhvabahu, Vedabahu, Sudhama, Parjanya and Mahamuni. 22॥ | | ✨ ai-generated | | |
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