श्री विष्णु पुराण  »  अंश 3: तृतीय अंश  »  अध्याय 1: पहले सात मन्वन्तरोंके मनु, इन्द्र, देवता, सप्तर्षि और मनुपुत्रोंका वर्णन  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  3.1.20 
पञ्चमे वापि मैत्रेय रैवतो नाम नामत:।
मनुर्विभुश्च तत्रेन्द्रो देवांश्चात्रान्तरे शृणु॥ २०॥
 
 
अनुवाद
हे मैत्रेय! पाँचवें मन्वन्तर में रैवत नामक मनु और विभु नामक इन्द्र उत्पन्न हुए तथा उस समय जो देवता प्रकट हुए, उनके नाम सुनो-॥20॥
 
O Maitreya! In the fifth Manvantara, Manu named Raivat and Indra named Vibhu were born and listen to the names of the gods who appeared at that time -॥ 20॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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