| श्री विष्णु पुराण » अंश 3: तृतीय अंश » अध्याय 1: पहले सात मन्वन्तरोंके मनु, इन्द्र, देवता, सप्तर्षि और मनुपुत्रोंका वर्णन » श्लोक 18 |
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| | | | श्लोक 3.1.18  | ज्योतिर्धामा पृथु: काव्यश्चैत्रोऽग्निर्वनकस्तथा।
पीवरश्चर्षयो ह्येते सप्त तत्रापि चान्तरे॥ १८॥ | | | | | | अनुवाद | | ज्योतिर्धाम, पृथु, काव्य, चैत्र, अग्नि, वनक और पीवर- ये उस मन्वंतर के सात ऋषि थे। 18॥ | | | | Jyotirdhama, Prithu, Kavya, Chaitra, Agni, Vanak and Peevar – these were the seven sages of that Manvantar. 18॥ | | ✨ ai-generated | | |
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