| श्री विष्णु पुराण » अंश 3: तृतीय अंश » अध्याय 1: पहले सात मन्वन्तरोंके मनु, इन्द्र, देवता, सप्तर्षि और मनुपुत्रोंका वर्णन » श्लोक 11 |
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| | | | श्लोक 3.1.11  | ऊर्ज्ज: स्तम्भस्तथा प्राणो वातोऽथ पृषभस्तथा।
निरयश्च परीवांश्च तत्र सप्तर्षयोऽभवन्॥ ११॥ | | | | | | अनुवाद | | ऊर्जा, स्तंभ, प्राण, वात, पृषभ, निरय और परिवाण- ये उस समय सात ऋषि थे। 11। | | | | Urja, Stambh, Prana, Vaata, Prishabha, Niraya and Parivaan – these were the seven sages at that time. 11॥ | | ✨ ai-generated | | |
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