vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्री विष्णु पुराण
»
अंश 3: तृतीय अंश
»
अध्याय 1: पहले सात मन्वन्तरोंके मनु, इन्द्र, देवता, सप्तर्षि और मनुपुत्रोंका वर्णन
»
श्लोक 10
श्लोक
3.1.10
पारावतास्सतुषिता देवास्स्वारोचिषेऽन्तरे।
विपश्चित्तत्र देवेन्द्रो मैत्रेयासीन्महाबल:॥ १०॥
अनुवाद
हे मैत्रेय! स्वरोचिषमन्वन्तर में पारावत और तुषितगण देवता थे, शक्तिशाली विपश्चित देवराज इन्द्र थे। 10॥
O Maitreya! In Swarochishamanvantara, Paravat and Tushitagan were the gods, the mighty Vipschit Devraj was Indra. 10॥
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd