श्री विष्णु पुराण  »  अंश 3: तृतीय अंश  »  अध्याय 1: पहले सात मन्वन्तरोंके मनु, इन्द्र, देवता, सप्तर्षि और मनुपुत्रोंका वर्णन  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  3.1.10 
पारावतास्सतुषिता देवास्स्वारोचिषेऽन्तरे।
विपश्चित्तत्र देवेन्द्रो मैत्रेयासीन्महाबल:॥ १०॥
 
 
अनुवाद
हे मैत्रेय! स्वरोचिषमन्वन्तर में पारावत और तुषितगण देवता थे, शक्तिशाली विपश्चित देवराज इन्द्र थे। 10॥
 
O Maitreya! In Swarochishamanvantara, Paravat and Tushitagan were the gods, the mighty Vipschit Devraj was Indra. 10॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd