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श्री विष्णु पुराण
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अंश 2: द्वितीय अंश
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अध्याय 9: ज्योतिश्चक्र और शिशुमारचक्र
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श्लोक 22
श्लोक
2.9.22
वृष्टॺा धृतमिदं सर्वमन्नं निष्पाद्यते यया।
सापि निष्पाद्यते वृष्टि: सवित्रा मुनिसत्तम॥ २२॥
अनुवाद
हे महर्षि! अन्न उत्पन्न करने वाली वर्षा ही इन सबका पोषण करती है और वह वर्षा सूर्य से उत्पन्न होती है ॥22॥
O great sage! The rain which produces food grains sustains all these and that rain originates from the Sun. ॥22॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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