श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 9: ज्योतिश्चक्र और शिशुमारचक्र  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  2.9.16 
युग्मर्क्षेषु च यत्तोयं पतत्यर्कोज्झितं दिव:।
तत्सूर्यरश्मिभि: सर्वं समादाय निरस्यते॥ १६॥
 
 
अनुवाद
सूर्य सम संख्या वाले तारों [जैसे रोहिणी और आर्द्रा] पर जो जल बरसाता है, वह सूर्य की किरणों [आकाशगंगा से] को बरसने के बाद ही प्राप्त होता है ॥16॥
 
The water which the Sun rains down on the even-numbered stars [like Rohini and Ardra] is received by the sunrays [from the Milky Way] only after they have been rained down. ॥16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)