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कृत्तिकादिषु ऋक्षेषु विषमेषु च यद्दिव:।
दृष्टार्कपतितं ज्ञेयं तद्गाङ्गं दिग्गजोज्झितम्॥ १५॥
अनुवाद
सूर्य के चमकते समय कृत्तिका आदि विषम नक्षत्रों में जो जल बरसता है, उसे दैत्यों द्वारा बरसाया गया आकाशगंगा का जल समझना चाहिए ॥15॥
The water that rains in the odd constellations like Krittika etc. while the Sun is shining should be considered as the water of the Milky Way rained by the giants. ॥15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥